तेहरान: ईरान में लंबे इंटरनेट शटडाउन के बाद अब हालात बदलने के संकेत मिलने लगे हैं। सरकार ने संकेत दिया है कि इंटरनेट सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से बहाल किया जा सकता है। हालांकि यह प्रक्रिया कब शुरू होगी और किस गति से आगे बढ़ेगी, इसको लेकर अभी आधिकारिक रूप से कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं दी गई है।
देश में पिछले 11 दिनों से इंटरनेट लगभग पूरी तरह ठप है। 8 जनवरी को विरोध प्रदर्शनों और हिंसा के मद्देनजर सरकार ने इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी थीं, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। ऑनलाइन कारोबार, बैंकिंग, शिक्षा और संचार माध्यम ठहर से गए थे। अब संभावित बहाली की खबर से लोगों में राहत की उम्मीद जगी है।
समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार रविवार सुबह तेहरान के कुछ हिस्सों में सीमित इंटरनेट कनेक्टिविटी बहाल हुई। हालांकि अधिकांश मोबाइल डेटा और निजी इंटरनेट सेवा प्रदाता अभी भी बंद हैं। इससे संकेत मिल रहा है कि खामेनेई शासन इस मामले में धीरे-धीरे रुख नरम कर सकता है। इससे पहले 13 जनवरी से आउटगोइंग अंतरराष्ट्रीय कॉल और 17 जनवरी से टेक्स्ट मैसेजिंग सेवाएं शुरू कर दी गई थीं।
स्थानीय तस्नीम न्यूज एजेंसी ने संबंधित अधिकारियों के हवाले से बताया कि घरेलू इंट्रानेट पर आधारित मैसेजिंग एप्लिकेशन जल्द सक्रिय किए जाएंगे। ईरान का यह इंट्रानेट नेटवर्क स्थानीय वेबसाइटों, राइड-हेलिंग, डिलीवरी और बैंकिंग सेवाओं का मुख्य सहारा है, जिसे सरकार बाहरी इंटरनेट के विकल्प के रूप में बढ़ावा देती रही है।
दरअसल, ईरान में 28 दिसंबर के बाद मुद्रा में तेज गिरावट के चलते विरोध प्रदर्शन भड़क उठे थे, जो देखते ही देखते पूरे देश में फैल गए। कई शहरों में हिंसक झड़पें हुईं, जिसके बाद सरकार ने इंटरनेट बंद कर हालात पर काबू पाने की कोशिश की। विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने इस कदम का बचाव करते हुए कहा था कि बाहरी ताकतों द्वारा निर्देशित अभियानों को रोकने के लिए यह जरूरी था।
मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक इन प्रदर्शनों के दौरान भारी जनहानि हुई है। एक अमेरिकी मानवाधिकार संस्था ने दावा किया है कि कार्रवाई में 3,766 लोगों की मौत हुई है, जबकि 24 हजार से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले एक अन्य एजेंसी ने मृतकों की संख्या 3,308 बताई थी। ईरानी प्रशासन ने अब तक आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं किए हैं, लेकिन सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने स्वीकार किया है कि इन घटनाओं में हजारों लोगों की जान गई है।
इंटरनेट बहाली की दिशा में उठते कदम यह संकेत दे रहे हैं कि सरकार स्थिति को सामान्य करने की कोशिश कर रही है। हालांकि देश के भीतर तनाव अब भी बना हुआ है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें तेहरान के अगले फैसलों पर टिकी हैं।